देश भर के केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स लंबे समय से वेतन में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं। खासकर महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं। पिछले कुछ समय से यह चर्चा जोरों पर है कि जब DA 50 प्रतिशत से ऊपर हो जाता है तो इसे बेसिक सैलरी या पेंशन में मर्ज (मिलाना) कर दिया जाता है। लेकिन क्या इस बार भी ऐसा होगा? क्या DA को बेसिक सैलरी में जोड़कर कर्मचारियों को ज्यादा लाभ मिलेगा? इन सवालों के जवाब अब सरकार ने साफ कर दिए हैं।
सरकार का साफ निर्देश
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक सांसद के सवाल के जवाब में स्पष्ट किया है कि इस साल के अंत तक या आठवें वेतन आयोग के लागू होने से पहले सरकार के पास DA को बेसिक सैलरी या पेंशन में मर्ज करने का कोई योजना या प्रस्ताव नहीं है। यानी फिलहाल कर्मचारियों को DA के रूप में जो महंगाई भत्ता मिल रहा है, वह इसी तरह से जारी रहेगा और उसे बेसिक वेतन में शामिल नहीं किया जाएगा।
क्यों होती है DA मर्जिंग की मांग?
जब महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत या उससे ऊपर पहुंच जाता है, तो सरकारी कर्मचारियों की ओर से इसे उनके बेसिक वेतन में जोड़ने की मांग उठती है। ऐसा करने से वेतन में स्थिरता आती है और इससे कर्मचारियों की पेंशन भी बढ़ती है क्योंकि पेंशन की गणना बेसिक वेतन के आधार पर की जाती है। इस वजह से DA मर्जिंग की उम्मीद हमेशा बनी रहती है।
मौजूदा स्थिति क्या है?
वर्तमान में सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को लगभग 53% DA मिलता है। यह बढ़ोतरी महंगाई को ध्यान में रखते हुए हर साल दो बार होती है—1 जनवरी से 30 जून तक और 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक। इस DA का निर्धारण ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आंकड़ों के आधार पर होता है।
सरकार के फैसले पर क्या असर पड़ेगा?
सरकार ने साफ कर दिया है कि आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने से पहले DA को बेसिक वेतन में मर्ज करने की योजना नहीं है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल कर्मचारियों को DA के रूप में मिलने वाली बढ़ोतरी का फायदा तो मिलेगा, लेकिन इसे वेतन में शामिल करके स्थाई लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि आगे की परिस्थितियों और आयोग की रिपोर्ट आने के बाद इस मामले पर सरकार कोई निर्णय ले सकती है।
कर्मचारियों के लिए यह इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यह खबर कुछ हद तक निराशाजनक हो सकती है, लेकिन अभी उम्मीद बनी हुई है कि आठवें वेतन आयोग के बाद इस मामले में नई घोषणाएं हो सकती हैं। फिलहाल, सभी को धैर्य रखकर सरकारी अपडेट्स का इंतजार करना होगा।महंगाई भत्ते को बेसिक वेतन या पेंशन में मर्ज करने की मांग वर्षों से केंद्र सरकार के सामने है। इस बार भी कर्मचारियों को इसकी उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि आठवें वेतन आयोग के लागू होने से पहले ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। इस फैसले से केंद्रीय कर्मचारियों की आमदनी में फिलहाल बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन भविष्य में इस विषय पर पुनर्विचार संभव है।
सरकार और कर्मचारियों दोनों की नजरें अब आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में नए बदलाव ला सकती है। तब तक कर्मचारियों को अपने वर्तमान DA और वेतन में संतोष रखना होगा और नई घोषणाओं का इंतजार करना होगा।
