Minimum balance limit fixed : SBI, PNB and HDFC , बैंक ग्राहकों के लिए मिनिमम बैलेंस लिमिट हुए तय

बैंकिंग की दुनिया में अब बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं, खासकर सेविंग्स अकाउंट के मिनिमम बैलेंस नियम को लेकर। देश के प्रमुख बैंकों—SBI, PNB और HDFC—ने अपनी मिनिमम बैलेंस पॉलिसी में अहम बदलाव किए हैं, जिससे ग्राहकों को काफी राहत मिली है। आइए जानते हैं इन बैंकों की नई मिनिमम बैलेंस नीति और इसके क्या मतलब हैं।

एसबीआई (SBI) की नई मिनिमम बैलेंस नीति

भारतीय स्टेट बैंक ने मार्च 2020 से अपने अधिकांश सेविंग्स अकाउंट में मिनिमम बैलेंस की अनिवार्यता हटा दी है। इसका मतलब है कि अब ग्राहकों को अपने खाते में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की जरूरत नहीं है, और न ही बैलेंस कम होने पर कोई पेनल्टी लगेगी।

SBI के इंस्टा प्लस, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD), सेविंग्स प्लस और नाबालिगों के खाते जैसे कई प्रकार के अकाउंट में यह नियम लागू है। खास बात यह है कि इन खातों में शून्य बैलेंस पर भी कोई जुर्माना नहीं लगेगा।

इसके अलावा, नाबालिग खाताधारक अपने खाते में अधिकतम 10 लाख रुपये तक रख सकते हैं, जबकि बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट स्मॉल अकाउंट में अधिकतम बैलेंस ₹50,000 तक हो सकता है।

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का फैसला

PNB ने भी 15 सितंबर 2025 से अपने सेविंग्स अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस ना रखने की पेनल्टी पूरी तरह समाप्त कर दी है। पहले यदि खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं रहता था, तो बैंक 400 से 600 रुपये तक की पेनल्टी लगाता था, लेकिन अब इस पेनल्टी का प्रावधान खत्म हो गया है। यह कदम भी ग्राहकों के लिए बड़ा फायदा साबित होगा और उनकी वित्तीय बोझ को कम करेगा।

HDFC बैंक की स्थिति

वहीं, HDFC बैंक ने मिनिमम बैलेंस की नीति में बदलाव कम किए हैं। HDFC में अभी भी मिनिमम बैलेंस रखना जरूरी है, जो बैंक की शाखा के स्थान के अनुसार अलग-अलग तय किया गया है।

  • शहरी शाखाओं में ₹10,000 मिनिमम बैलेंस या ₹1 लाख का फिक्स्ड डिपॉजिट जरूरी है।
  • अर्ध-शहरी शाखाओं में ₹5,000 या ₹50,000 फिक्स्ड डिपॉजिट।
  • ग्रामीण शाखाओं में ₹2,500 या ₹25,000 फिक्स्ड डिपॉजिट।

यदि ग्राहक यह बैलेंस नहीं रखते हैं, तो बैंक 6% तक की पेनल्टी (अधिकतम ₹600) लगा सकता है।

ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण बातें

  • SBI और PNB खाताधारकों को अब मिनिमम बैलेंस को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है, जिससे वे बिना किसी पेनल्टी के अपने अकाउंट को आराम से चला सकते हैं।
  • HDFC बैंक के ग्राहकों को अपनी शाखा के अनुसार निर्धारित बैलेंस रखना होगा, अन्यथा पेनल्टी लग सकती है।
  • नए अकाउंट खोलते समय या बैंक बदलते समय इन नियमों को ध्यान में रखना जरूरी है।

2025 के नए नियमों के तहत, SBI और PNB ने मिनिमम बैलेंस की अनिवार्यता खत्म कर ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है। यह बदलाव छोटे बचतकर्ताओं और आम जनता के लिए बैंकिंग को आसान और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं HDFC बैंक में अब भी मिनिमम बैलेंस की पॉलिसी बनी हुई है, लेकिन यह अलग-अलग जगहों पर भिन्न है। कुल मिलाकर, ये नियम बैंकिंग को ज्यादा ग्राहक-हितैषी और सरल बनाने में मदद करेंगे।

अगर आप बैंकिंग से जुड़े हैं तो अपने बैंक की मिनिमम बैलेंस नीति जरूर जानें और उसके अनुसार अपने खाते का प्रबंधन करें ताकि भविष्य में किसी भी तरह की पेनल्टी से बचा जा सके।

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